स्वच्छता अभियान में युवाओं की भूमिका


 
८.स्वच्छता अभियान में युवाओंकी भूमिका - कु.जिया बदलाणी 

               


 
 ' स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत ' ये नारा बड़े जोर-शोर से हमारे देश के कोने-कोने में गुंज रहा है | महात्मा गांधी जी ने सभी भारतवासीयों को साफ सफाई के प्रती जागरूक रहणे का संदेश दिया था | वे भारत को स्वच्छ भारत के रूप में देखना चाहते थे, जिसमें लोग स्वयं से अपने आसपास की सफाई करें | महात्मा गांधी के इसी नजरिए को हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर मोदी जी ने 'स्वच्छ भारत अभियान' के रूप में गांधी जी के १४५ वे जन्म दिवस २ अक्टूबर , २०१४ को उद्धाटित किया और लोगों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास की सफाई करके इस अभियान को सफल बनाए | स्वछ भारत अभियान को भारत मिशन के नाम से भी जाना जाता हैं | इस अभियान का प्रतिकचिन्ह गांधीजी का चश्मा है |

              "बापू के सपने को करना है साकार,

             स्वच्छता से भारत को देना है आकार "

          स्वच्छता का हमारे जीवन में एक महत्त्वपूर्ण स्थान है | स्वच्छता मानव जीवन की प्राथमिक आवश्यकता है | स्वच्छ रहने से हम मनुष्य अपने जीवन में आने वाली कई परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं | स्वच्छता हमारी दिनचर्या का महत्त्वपूर्ण अंग है | स्वच्छ शरीर से ही स्वस्थ मस्तक और स्वच्छ आत्मा का निवास होता है | स्वच्छता का संबंध हमारे स्वास्थ से भी होता हैं | स्वच्छता सिर्फ शरीर की नहीं, घर की नहीं बल्की अपने आसपास के परिवेश की भी होती है | हम अपना घर तो साफ रखते है लेकिन आसपास के परिवेश को साफ सुथरा नहीं रखते है और इसके लिए सरकार को दोष देते हैं, जब की गन्दगी हमारे द्वारा परिवेश में फैलाई जाती है |

      संत गाडगे महाराज स्वच्छता के सच्चे पूजारी थे | वे रोज सुबह झाडु लेकर अपने आँगण, परिसर और मोहल्ले की सफाई करते थे | उन्हे साफ और स्वछ रहना पसंद था | वे लोगों के लिए स्वच्छ और साफ रहने के लिए एक मिसाल थे | स्वच्छता करने से उन्हे आनंद मिलता था |

    स्वच्छता अभियान भारत सरकार के द्वारा एक बहूत बडे पैमाने पर चलाए जाने वाला अभियान है जिसका प्रसारण दूरदर्शन, आकाशवाणी, साहित्य, अकबार आदि द्वारा किया जा रहा है | स्वच्छता अभियान के जरिए साफ सुथरा माहौल बनाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है | मोदी जी के नेतृत्व में मंत्री, संसद, नेता, अभिनेता, खिलाडी़, अधिकारी जन सहयोग इस अभियान को सफल बना रहे हैं | इस अभियान के फल स्वरूप हमारे गांव, मोहल्ले साफ दिख रहे है | साथ ही परिवेश के जीवाणु तथा विषाणु कम हुए हैं | इस कारण हमारा वातावरण रोग मुक्त हुआ है | आसपास का परिवेश सुंदर और स्वच्छ प्रतीत होता हुआ दिख रहा है |

            स्वच्छता का हम सभी के जीवन में विशेष महत्त्व है | स्वच्छता हमारे घर अथवा गली-मोहल्लों के लिए तो जरुरी होती ही है, साथ ही संपूर्ण देश हेतु भी आवश्यक होती है | यदि हमारे घर आँगन की तरह पूरा देश भी स्वच्छ रहे तो भारत एक सुंदर स्वर्ग समान बन जाएगा | मोदी जी की अपील को पूरे देश ने सहमति प्रदान की और यह अभियान राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन कर उभा रहा | बडी़-बडी़ हस्तीयों ने इस स्वच्छता अभियान में सहयोग किया |

               


                "हर नागरिक का हो ये सपना,

               स्वच्छ हो संपूर्ण भारत अपना"

               स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्य : गांवो-शहारों को साफ करना |खुले में शौच बंद करवाना जिसके तहत हर साल हजारों बच्चों  की मौत हो जाती है |शौचालय के उपयोग को बढावा देना और सार्वजनिक जागरूकता को शुरू करना |सभी घरों में पाणी की पूर्ती सुनिश्चित कर के गांवो में पाइपलाईन लगवाना जिस के कारण स्वच्छता बनी रहेगी |सड़के, फुटपाथ औरबस्तिया साफ और स्वच्छ रखना | साफ सफाई के जरीए सभी में स्वच्छता के प्रती जागरूकता निर्माण करना |जल प्रदूषण को रोकना |

                      विद्यार्थी जीवन पूरे जीवन का स्वर्णिम समय है | इस अवस्था में ज्ञान प्राप्त करते हूए संस्कारो को अपनाया जाता है, इस अवस्था में बुध्दी तीव्र होती है व मन निर्मल होता है | यह अवस्था सारे जीवन की बुनियाद है | हम बचपन से ही विद्यार्थीयों को सफाई का महत्त्व समझायेंगे तो निश्चित ही एक दिन हम स्वच्छ भारत के स्वस्थ भारत इस रूप में जाने जाऍंगे | आज हर युवा का परम कर्तव्य है कि वे अपने आसपास के परिसर को स्वच्छ रखें, अपने आपको स्वच्छ रखें व साथ ही साफ सफाई का संदेश अन्य लोगों दे | तभी यह अभियान सफलता की सिढी़ तय करेगा |

              हमारे देश के यूवाओं की भी स्वच्छता अभियान में महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है | छात्र एकजूट होकर स्वच्छता अभियान को चलाए तो यह धरती हरिभरी और सुंदर बन सकती है | युवा जोश और होश से युक्त रहे तो यह अभियान अपनी सभी कठिनाइयों को पार कर स्वच्छता की समस्या का आसानी से हल निकाल सकते हैं |

                     देश की युवा लोगों को स्वच्छता अभियान के महत्त्व को समझा सकती हैं, कचरा पेटी में कचरा डालने की आदत डलवा सकते हैं | वैज्ञानिक सोच रखने वाले युवा कचरे की पुनर्चक्रण विधी एवं कचरा निपटारा विधी का रूप निर्मित कर सकते हैं और कचरे से विद्युत निर्माण भी हो सकता है इस दिशा में खोज कर सकते हैं | युवा वर्ग नदियों में कचरा कपडे़, बरतन धोने वाली महिलाओं को जल प्रदूषण के दुष्परिणाम बता सकते है ताकि वे लोग नादियों का जल प्रदूषित ना करें | महाविद्यालयों के जरिए विविध अस्पतलों को भेट देकर उन्हे बता सकते है कि इस्तमाल किए हुए इंजेक्शन, पट्टीयाॅं, गोली-दवाईयाॅं आदि कूडेदान में ही डाले | हर गावों-शहरों में स्वछ भारत, स्वस्थ भारत के नारे लगाने चाहिए | सुखा और गीला कचरा अलग अलग कूडेदान में डालना चाहिए | यह सब बातें युवाओं के माध्यम से लोगों तक पहूॅंचाई जा सकती हैं | 

                              " स्वच्छता ही सेवा है,

                               गन्दगी जानलेवा है "

                  संसार का प्रत्येक प्राणी सुख की कामना करता है | परंतु चाहने मात्र से ही आज तक कोई सुखी न सुखी हुआ है, न होगा | अब तक उसके लिए कुछ प्रयास न किया जाए, सुख आकशपुष्ष के समान असंभव बना रहता है | सुखी रहने का सबसे अच्छा व आसान तरीका है- 'स्वच्छता' | वर्तमान समय में हमारे देश में स्वच्छता अभियान पर बहुत जोर दिया जा रहा है |

            स्वच्छ भारत अभियान के तहत सड़को पर कूडा़ फेंकने या जमा करने की इजाजत नहीं है | गांवों और शहरों में लाखो नए शौचालय बनाए गए हैं | जगह जगह कूडे़दान लगाए गए और सभी लोगों को कचरा कूडे़दान में फेकने के लिए प्रेरित किया गया है | इस मिशन का मुख्य ध्येय है, खुले में शौच की प्रवृत्ति से भारत को मुक्ति दिलाना |

                 "स्वच्छता है जरूरी,

             ना समझें इसे मजबूरी"

  अनेक महाविद्यलयों के विद्यार्थी राष्ट्रीय सेवा योजना के जरिए स्वच्छता के शिबिर आयोजित कर रहे हैं | उनका मकसद यही है की गन्दगी को मिटाकर हर तरफ स्वच्छता बनाए रखनी है | हर गावों- शहरों मे जाकर ये विद्यार्थी स्वच्छता अभियान को बढा़वा देते है | युवा लोगों को स्वच्छता अभियान के फायदे और महत्त्व बताते है | परंतु अभियान खत्म होते ही सभी लोग वापस से कचरा, गन्दगी फैलाने में लग जाते है | यह बात गलत हैं, हमे हमेशा इस अभियान को चलाना चाहिए | 

                           
 आजकल ज्यादा से ज्यादा युवा वर्ग व्यसन की लत में लगी रहती है | व्यसन करना बहूत बूरी आदत है | लोग तंबाखू, गुटखा, सिगारेट, शराब आदि व्यसन का ग्रहण तो करते ही है साथ ही उसका कचरा खुले में फेक देते है | लोग पान, सुपारी खाने के बाद उसके छिटे दिवारों पर मारते है जिसके कारण गन्दगी फैलती है | बच्चे भी वेफर्स, चॉकलेट, फास्टफूड, जंकफूड खाने के बाद कचरा खुले परिसर में फेकते है | सभी लोगोंं को कचरा कूडे़दान में ही दालना चाहिए | गन्दगी को खत्म करके स्वछ परिसर में रहना चाहिए | आजकल की युवा पिढी़ स्वच्छता को दुर्लक्ष कर रही है | लोग सूबह सवेरे उठकर आँगण में स्वच्छता तो नहीं कर रहे है बल्की अधिक कचरा फैला रहे हैं जीसके कारण बिमारीयाॅं बढ़ रही हैं | तरुण युवतीओं को भी स्वच्छता के प्रती जागरूक होना पडेगा और आसपास के परिसर को स्वच्छ रखना होगा | हमारे जीवन में स्वच्छता का अधिक महत्त्व है इसीलीए हमे इस विषय पर ध्यान देना आवश्यक हैं |

विश्वविद्यालयस्तरीय निबंध प्रतियोगिता में पुरस्कार विजेता निबंध )

        नाम : कु. जिया सुरेश बदलाणी

                    कक्षा : बी.कॉम.प्रथम वर्ष : २०२३-२४

                                                                                                   ब्लॉग समन्वयक : प्रा.व्ही.जी.बिरादार, डॉ.म.ई.तंगावार, प्रा.जे.डी.संपाळे

                                                                                                              

Comments

  1. Very comprehensive and excellent article, Jiya, Congratulations 💐💐 mpty

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